बिहार की पावन धरती, विशेषकर मिथिलांचल के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हो रही है। हाल ही में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने माता सीता और मिथिला की भूमि को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की मूल पहचान मां जानकी से जुड़ी है और यह पूरी धरती उनकी ऋणी है।
आस्था और संस्कृति का केंद्र बनेगा मिथिला
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में मिथिला को सनातन परंपरा, अटूट आस्था और समृद्ध संस्कृति का मुख्य केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, उसी तर्ज पर अब बिहार की पवित्र भूमि पर माता सीता का भव्य मंदिर निर्मित होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना
इस ऐतिहासिक पहल का श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा:
“माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक अस्मिता को एक नया सम्मान मिल रहा है। मां सीता का यह मंदिर न केवल हमारी आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि बिहार के गौरव को भी वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”
जनसमूह का उत्साह और भक्तिमय माहौल
संबोधन के समापन पर सम्राट चौधरी ने वहां मौजूद जनसमूह से इस निर्णय के स्वागत में जोरदार तालियां बजाने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण है। उनकी इस अपील के बाद पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और भक्तिमय उत्साह से गूंज उठा।
यह भव्य मंदिर आने वाले समय में मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा और पर्यटन व आस्था के नए द्वार खोलेगा।