पौष्टिकता के मामले में भुने चने मूंगफली से थोड़े कम जरूर हो सकते हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिए इनके अपने खास फायदे हैं:
- पोषक तत्व: इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और कई विटामिन पाए जाते हैं।
- लो कैलोरी: इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है, जो इसे वजन घटाने वालों के लिए एक आदर्श स्नैक बनाती है।
- डायबिटीज में राहत: मधुमेह के मरीजों के लिए भुना चना एक बेहतरीन आहार है।
- ठंडक का एहसास: गर्मियों में इसका सत्तू पेट की गर्मी को शांत करने में बहुत मददगार होता है।
मूंगफली: पोषक तत्वों का पावरहाउस
मूंगफली को ‘गरीबों का काजू’ कहा जाता है, लेकिन असलियत में यह काजू से भी ज्यादा पौष्टिक मानी जाती है:
- स्वस्थ फैट: मूंगफली में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए बहुत जरूरी हैं।
- प्रोटीन का भंडार: 100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 1 लीटर दूध के बराबर प्रोटीन होता है। इसमें अंडे से 2.5 गुना और फलों से 8 गुना ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है।
- विटामिन और खनिज: इसमें विटामिन D और E के साथ-साथ मोनो-सैचुरेटेड फैट्स होते हैं, जो धमनियों को स्वस्थ रखते हैं और कैंसर व हृदय रोगों का खतरा कम करते हैं।
- ऊर्जा का स्रोत: 250 ग्राम पीनट बटर से आपको उतनी ही ऊर्जा मिल सकती है जितनी 300 ग्राम पनीर या दो लीटर दूध से मिलती है।
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किसे कितना खाएं?
चूंकि मूंगफली में कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए इसकी मात्रा को चने की तुलना में कम रखना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, अगर आप 100 ग्राम भुने चने खा रहे हैं, तो उसके मुकाबले 70 ग्राम मूंगफली लेना ही पर्याप्त है।
निष्कर्ष
मूंगफली और चने, दोनों के अपने विशिष्ट गुण हैं। मूंगफली जहां शरीर में गर्माहट पैदा करती है और खून बढ़ाती है, वहीं चने पाचन और कैलोरी कंट्रोल में मदद करते हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनी डाइट में इन दोनों को शामिल करना सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि कुछ खास पोषक तत्व सिर्फ चने में मिलते हैं तो कुछ केवल मूंगफली में।
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