2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही थी। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचने के बजाय बिचौलियों की भेंट चढ़ जाता था। लेकिन आज तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से यूपी के कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आया है।
डीबीटी (DBT) से किसानों को सीधा लाभ
अब किसानों को अपने हक के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का भुगतान अब सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। शासन की इस व्यवस्था ने भ्रष्टाचार को खत्म कर किसान को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
सीमित भूमि, रिकॉर्ड उत्पादन
उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:
- आबादी का बोझ: देश की कुल आबादी का 17% हिस्सा यूपी में रहता है।
- कृषि भूमि: उत्तर प्रदेश के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि का मात्र 11% हिस्सा है।
- खाद्यान्न योगदान: अपनी मेहनत के दम पर यहाँ का किसान देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21% से अधिक हिस्सा अकेले पैदा कर रहा है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि यूपी का अन्नदाता न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा का मुख्य स्तंभ भी है।
वैल्यू एडिशन और ग्लोबल मार्केट पर फोकस
राज्य सरकार का अगला लक्ष्य इस 21% खाद्यान्न उत्पादन को वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ना है। अब जोर इस बात पर है कि हमारा उत्पाद ‘ग्लोबल मार्केट’ की मांग और गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरे। इसके लिए एक्सपोर्ट यानी निर्यात की दिशा में नए प्रयास किए जा रहे हैं।
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प्राकृतिक खेती (Natural Farming): बचत और सेहत का संगम
खाद्य पदार्थों में फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड की मात्रा कम करने के लिए ‘नेचुरल फार्मिंग’ एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है।
- लागत में कमी: प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों ने प्रति एकड़ 12 से 15 हजार रुपये की बचत की है।
- तकनीक का जादू: इस बार DSR पद्धति (Direct Seeded Rice) से धान उगाने वाले किसानों ने शानदार सफलता हासिल की है। इस तकनीक से न केवल लागत कम हुई है, बल्कि पैदावार भी ढाई गुना तक बढ़ी है।
निष्कर्ष
जब खेती में तकनीक का समावेश होता है और लागत कम होती है, तो किसानों का मुनाफा अपने आप बढ़ जाता है। उत्तर प्रदेश अब खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ अपनी फसलों को निर्यात योग्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले समय में किसानों की आय में और भी बड़ी वृद्धि निश्चित है।
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