उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष ₹9,12,000 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 12% बड़ा है। इसे अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने ₹43,000 करोड़ की नई योजनाएं शुरू करने की घोषणा भी की।
इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं बजट की बड़ी बातें।
बजट की 10 बड़ी घोषणाएं
- ₹34,000 करोड़ से नॉर्थ ईस्ट कॉरिडोर का निर्माण—गोरखपुर से सहारनपुर तक।
- सात नए शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
- कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से 10 लाख युवाओं को रोजगार।
- मेधावी छात्र-छात्राओं को ₹400 करोड़ की स्कूटी योजना।
- गरीब बेटियों को विवाह के लिए ₹51,000 की जगह ₹1 लाख की सहायता।
- 14 नए मेडिकल कॉलेज (PPP मॉडल पर) — कुल संख्या 74 होगी।
- 18 जिलों में स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना।
- पशुपालकों को छुट्टा गोवंश देखभाल के लिए ₹2000 करोड़।
- छात्र-छात्राओं के लिए मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन हेतु ₹2374 करोड़।
- मेरठ, मथुरा, वृंदावन और कानपुर के विकास के लिए ₹800 करोड़।
महिला सशक्तिकरण
- महिला पुलिस बीट, CCTV और एंटी रोमियो स्क्वाड की व्यवस्था।
- महिला पुलिसकर्मियों के लिए ₹25 करोड़ से वाहन खरीद।
- कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमेन हॉस्टल।
- मेधावी छात्राओं को स्कूटी।
- गरीब लड़कियों के विवाह हेतु ₹1 लाख सहायता।
- नए जिलों में पुलिस भवन निर्माण के लिए ₹346 करोड़।
शिक्षा क्षेत्र
- ₹580 करोड़ से नए आवासीय बालिका विद्यालय।
- ₹358 करोड़ से शिक्षकों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा।
- गोरखपुर में सैनिक स्कूल।
- ₹150 करोड़ से तीन नई यूनिवर्सिटी:
- मां विंध्यावासिनी
- गुरु जंभेश्वर
- मां पाटेश्वरी
- शिक्षा विभाग के लिए ₹77,622 करोड़ का प्रावधान।
किसान कल्याण
- खाद्यान्न और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए ₹1088 करोड़।
- एग्रीज परियोजना के तहत हैचरी और प्रशिक्षण केंद्र के लिए ₹155 करोड़।
- एग्री एक्सपोर्ट के लिए ₹245 करोड़।
- ₹637 करोड़ से डीजल पंप सेट को सोलर में बदलने की योजना।
- “एक जनपद एक व्यंजन” योजना के लिए ₹75 करोड़।
युवा और खेल
- ₹2374 करोड़ से टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण।
- 84 नए स्टेडियम, 67 क्रीड़ा हॉल, 38 तरणताल और 52 जिलों में आधुनिक जिम।
- 18 जिलों में स्पोर्ट्स कॉलेज।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए ₹225 करोड़।
श्रमिक कल्याण
- शहरी मजदूरों के लिए लेबर अड्डे और आवास सुविधा।
- मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर बीमा सहायता।
- आंशिक दिव्यांगता पर ₹1 लाख सहायता राशि।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा
- 16 नए जिलों में PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज।
- इसके लिए ₹14,997 करोड़ का प्रावधान।
- आयुष सेवाओं पर ₹2867 करोड़ खर्च।
पर्यटन, धर्म और संस्कृति
- मिर्जापुर और काशी में धार्मिक स्थलों का विकास।
- मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए ₹100 करोड़।
- बलरामपुर में थारू जनजाति संग्रहालय।
- वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री पैतृक निवास आम जनता के लिए खोला जाएगा।
- प्रयागराज में निषाद राज गुहा सांस्कृतिक केंद्र।
- अयोध्या, नैमिषारण्य, मथुरा, विंध्यवासिनी देवीधाम और वाराणसी के विकास हेतु ₹100–150 करोड़।
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन
- बजट का 25% हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को।
- ₹4808 करोड़ से नए पुल निर्माण।
- ₹3700 करोड़ से राज्य और जिला मार्गों का चौड़ीकरण।
- ₹1000 करोड़ से औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक पार्क।
- ₹400 करोड़ से ई-बस विस्तार।
- ₹50 करोड़ से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन।
- जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो की बजाय पांच रनवे का निर्माण प्रस्ताव।
दुग्ध, मत्स्य और पशुपालन
- मथुरा में 1 लाख लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट।
- 220 नई दुग्ध समितियां, 450 समितियों का पुनर्गठन।
- पशु रोग नियंत्रण के लिए ₹253 करोड़।
- ₹156 करोड़ से पशु चिकित्सालय और मोबाइल वेटरनरी यूनिट।
- मछली थोक बाजार और प्रसंस्करण केंद्र पर ₹100 करोड़।
वन एवं पर्यावरण
- ₹207 करोड़ से लखनऊ में कुकरेल नाइट सफारी।
- चित्रकूट रानीपुर बांध फाउंडेशन के लिए ₹50 करोड़।
- 17 नगर निगमों में सोलर स्ट्रीट लाइट।
आईटी और तकनीक
- आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स पर ₹69 करोड़।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ₹225 करोड़।
- 49 आईटीआई में एआई लैब।
- ₹32.82 करोड़ से एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस।
- 8 नए डाटा सेंटर पार्क।
किन्हें रही निराशा?
- शिक्षामित्र, अनुदेशक और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि नहीं।
- विधवा, निराश्रित, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन में बढ़ोतरी की घोषणा नहीं।
- आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई घोषणा नहीं।
- 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए रोडवेज में मुफ्त यात्रा की सुविधा की घोषणा नहीं हुई।
बजट की दिशा और संदेश
पिछले वर्ष का बजट ₹8.08 लाख करोड़ का था, जबकि इस बार यह ₹9.12 लाख करोड़ से अधिक रहा। इस बार रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और किसानों पर विशेष फोकस दिखा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश के नौ वर्षों के नवनिर्माण की झलक बताते हुए कानून व्यवस्था और विकास की गारंटी वाला बजट बताया।
कुल मिलाकर यह बजट उत्तर प्रदेश के अगले एक वर्ष की विकास रूपरेखा पेश करता है, जिसमें रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं पर व्यापक प्रावधान किए गए हैं।