शायद ही किसी ने आपको इनके बारे में यह बातें आपको बताई होगी जिसने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया
“सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका…”बस इन पाँच शब्दों ने दुनिया की सोच बदल दी थी। 11 सितंबर 1893 को शिकागो में जब स्वामी विवेकानंद ने यह संबोधन दिया, तो पूरे सम्मेलन में मौजूद लगभग सात हज़ार लोग खड़े होकर दो मिनट तक तालियाँ बजाते रहे।यह सिर्फ तालियाँ नहीं थीं—यह उस भारत की पहचान को सम्मान … Read more